➤ नगरोटा बगवां में ₹180 करोड़ की लागत से प्रदेश का पहला बड़ा 5 स्टार होटल बनेगा
➤ होटल में हिमाचल का पहला म्यूजिकल फाउंटेन मुख्य आकर्षण होगा
➤ HPTDC के होटलों व पर्यटन प्रोजेक्ट्स पर कुल ₹250 करोड़ खर्च किए जाएंगे
शिमला में हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम (HPTDC) की बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स बैठक में पर्यटन ढांचे को मजबूत करने के लिए कई बड़े फैसले लिए गए हैं। निगम अध्यक्ष आर एस बाली ने बताया कि नगरोटा बगवां के बनेर खड्ड किनारे ₹180 करोड़ की लागत से एक भव्य 5 स्टार होटल बनाया जाएगा।
यह प्रोजेक्ट एडीबी (ADB) के तहत तैयार होगा और इसमें प्रदेश का पहला म्यूजिकल फाउंटेन स्थापित किया जाएगा। धौलाधार की वादियों की पृष्ठभूमि में बनने वाला यह होटल हिमाचल को वेडिंग और प्रीमियम टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में नई पहचान देगा। सबसे बड़ा टेंडर 6 अप्रैल को फाइनल किया जाएगा।
पर्यटन निगम ने पिछले कुछ वर्षों में अपने कारोबार में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। 2021-22 में टर्नओवर ₹78 करोड़ था, जो अब ₹100 करोड़ के पार पहुंच चुका है। निगम का कहना है कि कई होटलों के रेनोवेशन के बावजूद यह उपलब्धि हासिल की गई है।
इसके अलावा शिमला के होटल हॉलिडे होम पर ₹45 करोड़, मनाली के तीन होटलों के नवीनीकरण, होटल हमीर पर ₹20 करोड़, और होटल ज्वालाजी पर ₹35 करोड़ खर्च किए जाएंगे। पालमपुर और हमीरपुर के हेलीपोर्ट पर ₹10-₹10 करोड़, नादौन कॉम्प्लेक्स पर ₹15 करोड़ और देहरा टूरिज्म कॉम्प्लेक्स पर ₹10 करोड़ की मंजूरी भी मिल चुकी है।
निगम ने 24×7 कॉल सेंटर और फ्लाइंग स्क्वायड बनाने का भी निर्णय लिया है, जो होटलों में बिलिंग और अन्य अनियमितताओं पर नजर रखेगा। साथ ही कांगड़ा एयरपोर्ट विस्तार पर करीब ₹2000 करोड़ खर्च होने की बात भी सामने आई है, जिससे पर्यटन को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।
उन्होंने बताया कि पर्यटन निगम की बोर्ड ऑफ डायरेक्टर (BOD) की बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए हैं। नगरोटा बगवां बनेर खड्ड के किनारे 180 करोड़ का बड़ा होटल बनाने जा रहे हैं। ये होटल एडीबी प्रोजेक्ट के तहत बन रहा है। इस होटल में प्रदेश का पहला म्यूजिकल फाउंटेन बनेगा। धौलाधार की खुबसूरत पहाड़ियों के तल पर बनाने वाले इस होटल को फाइव स्टार की श्रेणी के तहत बनाया जाएगा। इस होटल के लिए प्रदेश का सबसे बड़ा टेंडर छः अप्रैल को फाइनल किया जाएगा।
आर एस बाली ने बताया कि हिमाचल पर्यटन निगम ने पिछले साढ़े तीन साल में अपनी टर्न ओवर में लगातार वृद्धि की है। 2021-22में निगम की जो टर्न ओवर 78 करोड़ थी जिसको 2022-23 में 109 करोड़, 2023 -24 में 105 करोड़ और 2024-25 में बढ़ाकर 107 करोड़ पहुंचाया है। इससे पहले कभी भी ये आंकड़ा 100 करोड़ को पार नहीं कर पाया था। इसमें सरकार से किसी तरह का कोई अनुदान नहीं लिया गया। इस बार भी रेनोवेशन के बाबजूद 100 करोड़ की टर्न ओवर को पार करेंगे। अभी भी पर्यटन निगम के होटलों को रेनोवेशन की जरूरत है।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के प्रयासों से पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कांगड़ा एयरपोर्ट के विस्तार के लिए 2000 करोड़ रुपए खर्च किया गया है। लोगो को उनकी जमीन का मुआवजा दे दिया गया है। एयरपोर्ट की तरह ही हिमाचल में हेलीपोर्ट का भी विस्तार हो रहा है। शिमला में HPTDC के होटल हॉलिडे होम पर 45 करोड़ रुपया खर्च किया जाएगा। जिसके लिए केंद्र से स्वीकृति मिल गई है।
मनाली के तीन होटलों का रिन्यूवेशन कार्य चल रहा है,। हमीर होटल 20 करोड़ खर्च करने जा रहे है। होटल ज्वालाजी में 35 करोड़ खर्च करने जा रहे है। पालमपुर और हमीरपुर के हेलीपोर्ट पर दस दस करोड़ खर्च करने जा रहे हैं। केंद्र से इसकी स्वीकृति मिल चुकी है। नादौन कॉम्प्लेक्स के लिए 15 करोड़, जबकि देहरा टूरिज्म कॉम्प्लेक्स पर 10 करोड़ खर्च होंगे जिसकी स्वीकृति भी केन्द्र से मिल गई है। पर्यटन निगम ने BOD की बैठक में 24*7 कॉल सेंटर बनाने का निर्णय लिया है।
फ्लाइंग स्क्वायड बनाने का भी निर्णय लिया है, जो ये देखेगा कि जो होटल के रूम लगे हैं उनका बिल कटा है कि नहीं कटा है या होटलों में कोई अनियमिताएं तो नहीं है। होटलों के रेनोवेशन के वक्त आमदनी बंद होने की स्थिति में टर्न ओवर कम हो सकती हैं, ऐसे में सरकार कर्मियों को वेतन दे, उनके वेतन को भी होटलों के रेनोवेशन में जोड़ा जाए। हिमाचल के होटलों पर 250 करोड़ खर्च करने जा रहें हैं। HPTDC के 8 होटलों को निजी हाथों में देने के सवाल पर बाली ने कहा कि ये कैबिनेट का फैसला है और सरकार के फैसले पर कुछ भी कहना उचित नहीं होगा।



